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28/01/2020
Be Real Editorial

5G के लिए क्या उपभोक्ता का बाजार तैयार करना है आवश्यक

Is it necessary to create a consumer market for 5G

मोबाईल के जरिए तकनीक की दुनिया से जुड़े लोगों के लिए इंटरनेट स्पीडव आज की लाईफलाइन है। आज हर व्यक्ति बिना सफरिंग के हाईएस्ट इंटरनेट स्पीड की इच्छा रखता है। इंटरनेट स्पीड की इस दुनिया में G का बेहद अहम योगदान है। सिंगल G से शुरू हुआ यह सफर आज 5G पर पहुँचने को आतुर है। 2G, 3G, 4G के बाद अब इंटरनेट उपभोक्ताओं की नज़र 5G पर है और हो भी क्यों न 5G का सुपर-डूपर हाई-स्पीड में घंटों के काम को चंद मिनटों और मिनटों के काम को सेकेंड से भी कम वक्त में जो किया जा सकेगा। 
सुपरस्पीड की रफ्तार से दौड़ते आज के इस आधुनिक युग में जहाँ आज स्पीड की चाह लोगों के बजट पर भारी है बावजूद इसके लोग इसे आज एक अनिवार्यता समझ बैठे है। जिसका अंदाजा मोबाइल कंपनियों को भी बखूबी हो गया है। तभी तो कभी 3G, तो कभी 4G के नाम से अपना व्यापार चला रही कंपनियां अब 5G पर निशाना साधने को तैयार है। क्या कुपोषण से लिप्त इस देश में मोबाइल की अनिवार्यता उस भूख से बढ़कर है जिससे आज आधा हिंदुस्तान ग्रस्त है।

साल दर साल कुपोषण के बढ़ते ग्राफ की चिंता को छोड़ लग्जीरियस लाईफ की होड़ में हम सब अपनी जड़ो को खोखला कर मोबाइल कंपनियों को फायदा पहुँचाने के लिए लाखों खर्च करते है। पुराना छोड़ नए की मांग करते है। हम एक उपभोक्ता के तौर पर उत्पादन की मांग करते है। लेकिन अगर गौर किया जाए तो हमारा काम तब भी होता था जब देश में 2G प्रचलन में था, काम तब भी होते थे जब हम 3G का उपयोग करते थे और काम आज भी हो रहे है जब हम 4G इस्तेमाल कर रहे है। ये बात और है कि ये सब प्रचलन से बाहर हुए नहीं हमने इसे बाहर कर दिया। बदलते दौर में हमने मोबाइल बदलने के साथ-साथ सिम भी बदल लिया लेकिन क्या इसका फायदा देश के अंतिम छोर में खड़े उस वर्ग को हुआ जो भूख की शिद्दत के साथ रात की नींदों से मुकाबला करते है। नहीं बिल्कुल नहीं अगर किसी का फायदा हुआ तो उस सीमित वर्ग का जिसने हमें इसकी लत लगाई। कंपनियों ने हम इंसानों को भी नेट की तरंगों की तरह उलझाकर रख दिया है जिसमें सरकार की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। 

जरूरत है सरकार को इस ओर ध्यान आकर्षित कर मोबाइल कंपनियों के बढ़ते बाजार पर अंकुश लगाने की। स्पीड की गति में तेजी होने से इंकार नहीं किया जा सकता लेकिन क्या मोबाइल कंपनियां हर बढ़ते स्पीड के साथ मोबाइल और टावर बदलने के बजाए क्यों ना तकनीक का इस्तेमाल रेंज को डेवलेप कर हर मोबाइल में चला सकने की कार्यक्षमता को बढ़ावा देने के लिए करें ताकि देश के उपभोक्ताओं को फिजूल खर्जी से बचाकर देशहित में काम किया जा सकें।   

गुलफशा 

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