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आखिर क्यों आते है आत्महत्या के ख्याल, जाने शुरुआती लक्षण

After all, why do you think about suicide, start knowing symptoms

रविवार का दिन बॉलीवुड से लेकर आम लोगों के लिए काला दिन साबित हुआ। कई युवाओं के आइकन कहे जाने वाले सुशात सिंह राजपूत ने आत्महत्या कर ली। ऐसा बताया जा रहा है कि सुशांत ने डिप्रेशन में आकर खुदकुशी कर ली। हालांकि इस बता का अभी कोई पुख्ता सबूत समाने नहीं आया है।  बता दें ये समस्या आम नहीं है। डिप्रेशन में आ कर युवा खुदकुशी जैसे कदम उठा लेते हैं।  डब्ल्यूएचओ की मानें तो करीब 7.5% भारतीय डिप्रेशन के शिकार है।

जबकि, रूस, यूरोपीय और अफ्रीकी देशों में भी आत्‍महत्‍या अन्‍य देशों के मुकाबले अधिक होती है। तो सवाल ये उठती है कि  ऐसे लोगों को कैसे पहचाना जाए। जिससे हम अपनों को, अपने दोस्तों को और अपनेे रिश्तेदारों को बचा सकें।ऐसे में जानते सबसे पहले डिप्रेशन जिसे मानसिक तनाव कहा जाता है इसके कुछ मुख्य कारण-

मानसिक तनाव का मुख्य कारण

 

- किसी अपने के खो जाने की चिंता मानसिक तनाव का कारण बन सकती है।

- आर्थिक रूप से कमजोरी भी इसका प्रमुख कारण है। आमतौर पर घर-परिवार की जिम्मेदारी के बोझ तले परिवार का सदस्य ऐसा कदम उठा लेता है।

- कोरोना और लॉकडाउन भी इसका कारण बनकर उभरा है। कोरोना से डर और लॉकडाउन के दौरान नौकरी या व्यापार में हो रहे हानि से भी मामले आये दिन बढ़ रहे है।

- परिवार से दूर या अकेले रहना भी इसका मुख्य कारण है।

- भविष्‍य को लेकर चिंतित व्यक्ति भी आमतौर पर मानसिक तनाव के शिकार हो जाते है।

- विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित है। उनमें असुरक्षा की भावना भी इसका प्रमुख कारण है।

जानें कैसे पहचाने अपने दोस्त या रिश्तेदारों की परेशानी को

 

- अगर अपने दोस्त या रिश्तेदार को इस बीमारी से बचाना चाहते हैं तो उनके लाख व्यस्त होने पर भी उनसे संपर्क में रहे। आमतौर पर इस केस में मानसिक तनाव से ग्रसित व्‍यक्ति दूसरों से मिलना-जुलना छोड़ देता है।

- अगर आप ये जानना चाहते हैं कि वह मानसिक तनाव से ग्रसित हैं कि नहीं तो देखें कि कहीं वे भी तो नींद पूरी नहीं कर पा रहे। बार-बार नींद टूट रही है या नहीं. दरअसल, दिमाग में चल रहे तनाव के कारण व्यक्ति ठी से सो नहीं पाता है।

- ऐसे व्‍यक्ति की भूख भी मर जाती है. मानसिक तनाव के दौरान व्यक्ति उससे उबरने की कोशिश कर के थक चुका होता है। और खुद को किसी घटना का दोषी मानने लगता है. उसी के बारे दिन-रात सोचता रहता है, जिसके वजह से भूख पर ध्यान नहीं दे पाता या जानबूझ कर उसे मारने की कोशिश करता है।

- डिप्रेशन के शिकार वाले व्‍यक्ति धीरे-धीरे कमजोर होता जाता है। वह तनाव में अपनी जिदंगी गुजार रहा होता है, जिससे भूख-प्यास सब मर जाती है। खाना-पीना छोड़ किसी घटना का कारण खुद को समझने लगता है।

- डिप्रेशन से परेशान व्यक्ति आमतौर पर अकेला रहना पसंद करता है। और लोगों से कम घूलता-मिलता है।

- उदासी और उदासीनता में बहुत फर्क होता है। उदासी कुछ समय के लिए हो सकती है, लेकिन जब यह लंबे समय तक उदासी दिखे तो समझ जाएं कि आपका अपना मानसिक रोगी हो गया है।

तनावयुक्त व्यक्ति के दिनचर्या में काफी बदलाव हो जाता है। जिसे पहचान कर आप अपने दोस्तों और परिवार को आत्महत्या करने से बचा सकते है। आपको उनकी परेशानी को समझ उसे समझाने की कोशिश करनी चाहिए। जितना जल्‍दी हो  उनका इलाज करवाना चाहिए।

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