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नई दिल्ली. कुछ दिन पहले भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने MCLR में 15 आधार अंकों की कटौती का ऐलान किया है। SBI के इस ऐलान के बाद विभिन्न अवधि के होम लोन पर ब्याज दरें 7.40 फीसदी से घटकर 7.25 फीसदी हो गई हैं, जो लागू भी कर दिया गया है। जिसके बाद पीएनबी ने भी हाउसिंग फाइनेंस ने भी होम लोन पर ब्याज दरों में 15 आधार अंकों की कटौती का ऐलान किया जोकि शनिवार से लागू हो गया है।

वहीं, यूनियन बैंक आफ इंडिया (UBI) ने विभिन्न अवधि के लिए होम लोन दरों में 5 से 15 आधार अंकों की कटौती को ऐलान किया है। यह सोमवार से लागू हो गया है। आपको बता दें कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा MCLR में कटौती करना होम और कार लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए खुशखबरी है। इससे उन लेनदारों का फायदा होगा, जिन्होंने MCLR से लिंक्ड होम लोन लिया है।

किन बैंकों में क्या है होम लोन दर?

इस कटौती के बाद होम लोन, कार लोन और लोन अगेनस्ट प्रॉपर्टी सस्ता हो जाएगा। लेकिन विभिन्न बैंकों की तुलना में आखिर कहां आपको सबसे सस्ते दर पर होम लोन मिल सकेगा?

एसबीआई ने एक साल के लिए MCLR को घटाकर 7.25 फीसदी कर दिया है। 

वहीं ICICI बैंक और एक्सिस बैंक क्रमश: 8 फीसदी और 7.9 फीसदी की दर से ब्याज दे रहे हैं।
 
कोटक बैंक 8.10 फीसदी की दर से होम लोन मुहैया करा रहा है।

SBI द्वारा इस कटौती के बाद अगर आप 30 लाख रुपये का होम लोन लेते हैं तो आपको 7.40 फीसदी की दर से ब्याज देना होगा। 

प्राइवेट सेक्टर में एचडीएफसी बैंक 7.85 फीसदी की दर से होम लोन दे रहा है।
 
सैलरीड क्लास के लिए पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस 8.95 फीसदी से लेकर 9.45 फीसदी की दर से लोन दे रहा है।
पुराने कस्‍टमर को भी होगा फायदा

MCLR फॉर्मूले का फायदा नए कस्टमर के साथ ही पुराने कस्‍टमर को भी इसका फायदा मिल सकता है। जिस कस्‍टमर ने MCLR बदलने से पहले लोन लिया है और उसका लोन लेंडिंग रेट फॉर्मूले से जुड़ा हुआ है, तो एमसीएलआर घटने के साथ ही उसकी ईएमआई कम हो जाती है। अब कुध लोगों को MCLR का मतलब नहीं पता होगा, कैसे तय किया जाता है, आइए जानते है मतलब..

कैसे तय होता है MCLR

मार्जिनल का मतलब होता है- अलग से या अतिरिक्त। जब भी बैंक लेंडिंग रेट तय करते हैं, तो वे बदली हुई स्थ‍ितियों में खर्च और मार्जिनल कॉस्ट को भी कैलकुलेट करते हैं. बैंकों के स्तर पर ग्राहकों को डिपॉजिट पर दिए जाने वाली ब्याज दर शामिल होती है। MCLR को तय करने के लिए चार फैक्टर को ध्यान में रखा जाता है। इसमें फंड का अतिरिक्त चार्ज भी शामिल होता है. निगेटिव कैरी ऑन CRR भी शामिल होता है. साथ ही, ऑपरेशन कॉस्ट औक टेन्योर प्रीमियम शामिल होता है।

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