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लॉकडाउन में सरकार ने जारी की रमजान की गाईडलाइन्स

Ramadan released guidelines despite lockdown

कोरोना वायरस की वजह से लोग चार दिवारी में कैद हो कर रह गए हैं। अभी त्योहोरों का सीजन है, त्यौहारों में एक दूसरे से मिलना और मिलाना ही महत्त्वपूर्ण मना जाता है। जो इस वायरस ने खत्म कर दिया है। इससे पहले नवरात्री, बैशाखी में भी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना पड़ा। अब रमजान का महीना भी कुछ दिनों बाद शुरू हो जाएगा। जिसको देखते हुए कोरोना से ग्रस्त देशों में गाइडलाईन्स जारी किए गए है। जहां सऊदी अरब की सबसे शीर्ष धार्मिक परिषद ने दुनिया भर के मुसलमानों से रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान मस्जिदों में जाकर नमाज़ न पढ़ने की अपील की है ताकि कोरोनो वायरस के प्रसार पर अंकुश लगाया जा सके। वरिष्ठ विद्वानों के परिषद ने कहा कि मुसलमानों को सभाओं से बचना चाहिए।

भारत में रमजान की शुरूआत 24 या 24 अप्रैल

भारत में रमज़ान की शुरूआत 23 या 24 अप्रैल से शुरू होगा और एक महीने चलेगा। इसके बाद ईद का त्योहार मनाया जाता है जिसमें आमतौर पर लोग एक दूसरे के घर जाते हैं और गले मिलते हैं। कोरोना के चलते भारत में लॉकडाउन है और देश भर की मस्जिदें बंद हैं। सऊदी अरब की बात की जाए तो वहां कि मस्जिदेंबंद है। जिनमें दुनिया की सबसे पवित्र कही जाने वाली मक्का की मस्जिद भी शामिल है।

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कोरोना की बढ़ते संक्रमण को देखते हुए ईरान की इस्लामी सरकार ने कहा है कि अगर मुसलमान लॉकडाउन के कारण रमज़ान में रोज़े न रखना चाहें तो कोई हर्ज नहीं। उधर भारत के ज़िम्मेदार मुसलमानों ने भी रमज़ान के महीने में लोगों से मस्जिद जा कर नमाज़ न पढ़ने की सलाह दी है। लेकिन पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के इमामों और मौलवियों ने अपनी सरकार के ख़िलाफ़ बग़ावत कर दी और मौलवियों की एक काउन्सिल ने घोषणा की है कि मुसलमान रमज़ान के महीने में मस्जिदों में जाकर नमाज़ अदा करेंगे

रमज़ान के लिए जारी गाइडलाइन
भारत के बुद्धिजीवियों ने मौलवियों से सलाह करके भारतीय मुसलमानों के लिए कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनमें से ख़ास ये हैं।
- मस्जिदों के बजाय मुसलमान अपने घरों में नमाज़ पढ़ें और लॉकडाउन में मस्जिदों से लाउडस्पीकर से अज़ान भी बंद कर दें
- रोज़ा खोलने के बाद रात में पढ़ी जाने वाली नमाज़ और तरावीह (रोज़ा खोलने के बाद की एक अहम नमाज़) भी घरों में पढ़ें।
- मस्जिदों में इफ़्तार पार्टी का आयोजन न करें।
- रमज़ान की ख़रीदारी के लिए घरों से बाहर न निकलें।
लॉकडाउन के बावजूद गाइडलाइन क्यों?

यूँ तो ये चुनौती दुनिया के हर उस मुस्लिम समुदाय के लिए है जहाँ लॉकडाउन लागू है लेकिन भारत के मुसलमानों और धर्म गुरुओं ने गाइडलाइन्स जारी करके इस बात को निश्चित करना चाहा है कि मुसलमान लॉकडाउन का पालन करें। भारतीय अल्पसंख्यक आर्थिक विकास एजेंसी के अध्यक्ष एम जे ख़ान के कहा, “ये एक बहुत ही सराहनीय क़दम है और ये दर्शाता है कि कोरोनो वायरस फ़ैलने से बचाने के लिए समुदाय के नेता सार्थक क़दम उठा रहे हैं।”

दिल्ली में मुसलमानों की संस्था इंडियन मुस्लिम्स फॉर इंडिया फ़र्स्ट ने मौलवियों-इमामों की निगरानी में ये गाइडलाइंस तैयार की हैं। इस मुस्लिम संस्था के एक प्रसिद्ध सदस्य और आयकर विभाग के पूर्व कमिश्नर सैयद ज़फ़र महमूद कहते हैं, “भेदभाव करना इंसान की फ़ितरत में है। हाँ, मुसलमानों के साथ (कोरोना वायरस के फ़ैलाव को लेकर) भेदभाव हुआ है। हम सब को इस पर काबू पाने की ज़रूरत है और मुझे लगता है ये एक वक़्ती चीज़ है.”

 

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1 comment

Julfikar Ali 20/04/2020 at 10:00 pm

Ramadan ki Guidelines…. Ya Allah Ham sabko Corona ke kahar se Bacha.

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