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20/01/2020
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निवेशकों को भारत से बेहतर कोई विकल्प नहीं मिलेगा- सीतारमण

Investors will not get any better option than India - Sitharaman

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) मुख्यालय में सीतारमण ने दुनिया भर के निवेशकों को आश्वासन दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार नए सुधार लाने पर निरंतर काम कर रही है। इस सुधार के बाद निवेशकों को पूरी दुनिया में भारत से बेहतर कोई विकल्प नहीं लगेगा। आईएमएफ के सत्र को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा, “यह (भारत) आज भी सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था है। इसके पास उत्कृष्ट कुशलता वाली श्रमशक्ति और ऐसी सरकार है जो सुधार के नाम पर जरूरी चीजों और इन सबसे ऊपर लोकतंत्र एवं विधि के शासन पर लगातार काम कर रही है।” भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग परिसंघों के संघ (फिक्की) और अमेरिका भारत रणनीतिक एवं साझेदारी फोरम द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “आपको भारत जैसा लोकतंत्र पसंद और पूंजीवाद का सम्मान करने जैसा स्थान नहीं मिलेगा।”

“संकटग्रस्त” क्षेत्रों की समस्या को सुलझाने के लिए कदम उठा रही है सरकार

उन्होंने कहा कि सरकार हर किसी के साथ साप्ताहिक आधार पर बातचीत कर रही है और कॉर्पोरेट क्षेत्र एवं निवेशकों के साथ भरोसे में कोई कमी नहीं आई है। साथ ही कहा कि इस बात को लेकर समझ बढ़ी है कि सरकार सुनने के लिए तैयार है और प्रतिक्रिया देने की भी इच्छुक है। भारतीय अर्थव्यवस्था की सुस्ती को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार राजकोषीय घाटे को और नहीं बढ़ने देने को लेकर प्रतिबद्ध है और सरकार “संकटग्रस्त” क्षेत्रों की समस्या को सुलझाने के लिए कदम उठा रही है। सीतारमण ने कहा कि सार्वजनिक अवसंरचनाओं पर खर्च कर या लोगों के हाथ में पैसा देकर, इस दो आयामी दृष्टिकोण से उपभोग बढ़ाने को सुनिश्चित किया जा सकता है। यह भी सुनिश्चित किया जा सकता है कि संकट जो कुछ क्षेत्रों तक सीमित है, उससे निपटा जा सके।

फिक्की, बैंक ऑफ अमेरिका और सिटीबैंक के साथ साझेदारी में संस्थागत निवेशकों के साथ बातचीत

वित्त मंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए तब तक कि अर्थव्यवस्था में सही मायने में ठोस प्रगति नहीं दिखती। इससे पहले दोपहर में न्यूयॉर्क में, अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी फोरम (यूएसआईएसपीएफ) ने फिक्की, बैंक ऑफ अमेरिका और सिटीबैंक के साथ साझेदारी में संस्थागत निवेशकों के साथ बातचीत की थी। उद्योग को दिए गए सीतारमण के संदेश में निष्पक्ष नीति निर्माण, आरबीआई के साथ करीब से कार्य करते हुए बैंक सुधारों के क्रियान्वयन, तरलता का प्रवाह, निजी क्षेत्र में निवेश लाने और आर्थिक सुधारों को गहन बनाने के तरीकों की खोज में भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

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