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28/01/2020
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धरना करना अधिकार है, ये हिंदुस्तान है पाकिस्तान नहीं जहाँ प्रदर्शन की इजाज़त नहीं – HC

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नई दिल्ली || नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के विरोध प्रदर्शन को लेकर देश में एक अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है। जहां इस कानून का कई लोग समर्थन कर रहे है तो वहीं कुछ लोग सीएए को वापस लेने और एनआरसी को लागू नहीं करने की बात कह रहे है। अपनी बात सरकार तक पहुँचाने के लिए प्रदर्शनकारी धरना प्रदर्शन कर रहे है। दिल्ली के शाहीन बाग में आम लोग लगभग एक महीने से धरने पर है। लोग केन्द्र सरकार के सीएए और एनआरसी को संविधान और अल्पसंख्यकों के विरूद्ध बताते हुए इसका विरोध कर रहे है। आज जहाँ दिल्ली हाई कोर्ट ने शाहीन बाग के संदर्भ में जनहित और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मामले को सुलझाने की बात कही वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन को खत्म करने को लेकर कोई स्पष्ट टिप्पणी भी नहीं की।

भारत में धरना देना सबका संवैधानिक अधिकार

शाहीन बाग मामले पर सुनवाई करने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट  ने आरोपित चंद्रशेखर की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रदर्शन के मुद्दे पर दिल्ली पुलिस को जमकर फटकार लगाई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मंगलवार को सख्त लहजे में कहा – ‘जामा मस्जिद कोई पाकिस्तान में नहीं है जहां पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जा सकती है।’ दिल्ली हाईकोर्ट ने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि  शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन तो पाकिस्तान में भी होते हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि धरना देने में कुछ भी गलत नहीं है यदि वह शांतिपूर्ण तरीके से दी जा रही है। कोर्ट ने कहा कोर्ट

{ धरना में गलत क्या है? विरोध करने में क्या गलत है? धरना देना सबका संवैधानिक अधिकार है। धरने के दौरान कोई हिंसा नहीं हुई। इसी के साथ हाई कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा- ‘ कौन कहता है कि आप विरोध नहीं कर सकते? क्या आपने संविधान पढ़ा है?’’}

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को लगाई कड़ी फटकार

दिल्ली हाई कोर्ट की इस टिप्पणी से जहाँ दिल्ली पुलिस को जमकर फटकार लगाई है वहीं धरने पर बैठे लोगों को बूस्ट देने का काम किया है। बता दें कि दिल्ली के शाहीन बाद में एक महीने से जारी धरना प्रदर्शन को खत्म करने को लेकर हाई कोर्ट ने कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है। लेकिन अपने निर्देश में हाई कोर्ट ने मामले को जनहित और सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज़ से सुलझाने की बात कहीं है। गौरतलब है कि शाहीन बाग-कालिंदी कुंज रोड खुलवाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। जिसपर आज कोर्ट ने सुनवाई कर जनहित और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र मामले को सुलझाने का निर्देश दिया है।

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