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28/01/2020
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जेएनयू ने दिल्ली पुलिस पर लगाए आरोप, समर्थन में उतरे भाजपा के मुरली मनोहर जोशी

JNU accuses Delhi Police, Murali Manohar Joshi of BJP came out in support

दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा के खिलाफ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के शैक्षणिक संस्थान में नकाबपोशों द्वारा हमले के बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं होने से छात्र वर्ग अपना रोष जाहिर कर रहे है। दिल्ली समेत मुंबई, अहमदाबाद, बनारस और बिहार में स्थित शैक्षणिक संस्थान जहाँ इस हमले की निंदा कर रहे है वहीं फुटेज में आरोपियों की पहचान के अलावा अन्य कई सुराग हाथ लगने के बावजूद कोई गिरफ्तारी नहीं होने पर प्रदर्शन तक कर रहे है। आज दिल्ली में एक बार फिर जेएनयू के विद्यार्थियों ने मार्च निकाला। इससे पहले सेंट स्टीफंस के छात्रों ने भी इस संबंध में दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक बड़ी रैली निकाली थी।

प्रदर्शनकारी महिलाओं को हिरासत में लेने का आरोप
मार्च कर रहे छात्रों की मांग है कि जेएनयू वीसी को पद से हटाया जाए। मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई जिसमें एक छात्र के घायल होने की खबर है।जेएनयू छात्र संघ ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारी महिलाओं को हिरासत में लेने का आरोप लगाया। छात्र विंग ने दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि आखिर सूरज डूबने के बाद महिला पुलिस अधिकारियों के बिना दिल्ली पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में कैसे लिया?
वीसी को अपने पद पर बने रहने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए- जोशी
इस बीच बीजेपी के सीनियर नेता मुरली मनोहर जोशी ने ट्वीट किया, यह चौंकाने वाला है कि वीसी सरकार के प्रस्ताव को नहीं मानने के लिए अड़े हुए हैं। यह रवैया निंदनीय है और मेरी राय में ऐसे वीसी को अपने पद पर बने रहने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट्स हैं कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जेएनयू केवीसी को दो बार जेएनयू में बढ़ी हुई फीस के मुद्दे को हल करने के लिए कुछ उचित सलाह दी थी।
https://twitter.com/drmmjoshibjp/status/1215263514803064832?s=20
जेएनयू विवाद को सुलझाने की जाएगी हर संभव कोशिश- अमित खरे
प्रदर्शन कर रहे जेएनयू के 8 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल अपनी शिकायतों को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय पहुंचा। इसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने कहा कि जेएनयू विवाद को सुलझाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। बता दें कि जेएनयू पर हुए हमले के बाद कुलपति की लीपापोती से  छात्रों और मौजूदा कुलपति के बीच खींचतान और अधिक तेज हो गई है। बता दें कि इससे पहले भी छात्र फीस बढ़ोतरी के खिलाफ वीसी को हटाए जाने और फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लिए जाने की मांग कर रहे थे।

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