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August 20, 2019
simna
Entertainment Movie/ Review

“जजमेंटल है क्या” को जज किया क्या?

फ़िल्म-  जजमेंटल है क्या

कलाकार- कंगना रनौत, राजकुमार राव,हुसैन दलाल,अमृता पुरी, अमायरा और अन्य

निर्माता-  एकता कपूर

निर्देशक-प्रकाश कोवलामुडी

रेटिंग-  ***(3/5)

बॉलिवुड की ड्रामा क्वीन के नाम से मशहूर कंगना रनौत की फिल्म हो और उसमें कुछ खास न हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। निर्देशक एकता कपूर की फ़िल्म जजमेंटल है क्या शुरुआत से ही विवादों की वजह से सुर्खियों में थी। कभी फ़िल्म के शीर्षक को लेकर कभी कंगना की वजह से। फिल्म की ट्रैलर से इतना तो स्पष्ट था कि फिल्म में लोचा ही लोचा देखने को मिल सकता है। लोचा के साथ फिल्म में सस्पेंश का जबरदस्त कनेक्शन इस फिल्म में तड़के का काम करता है। इस साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म ने टिकट खिड़की पर दस्तक दे दी है। इस जॉनर और ट्रीटमेंट की फिल्में कम ही बनती है। यह सिनेमा के गैर परंपरागत दर्शकों की फ़िल्म है। लेकिन जो काम कोई नहीं करता उस काम को करके सुर्खियां बटोरने का जिगरा बॉलिवुड का ड्रामा क्वीन को बखूबी आता है।

 

फिल्म की कहानी

कहानी की शुरुआत में बॉबी (कंगना रनौत) पिता द्वारा मां की मारपीट देखकर बॉबी बहुत डिस्टर्ब और सहमी सहमी सी है। इसी बीच एक हादसे में उसके मां पिता की मौत हो जाती है। फिल्म में बॉबी के प्रेमी को दिखाया जाता है प्रेमी है लेकिन दोनों के बीच प्रेम नहीं है। वहीं बॉबी एक डबिंग आर्टिस्ट वह जिस भी किरदार को आवाज़ देती है उसमें ही खो जाती है। फिल्म में राजकुमार राव की एंट्री किराएदार केशव के रूप में होती है। जो अपने पार्टनर रीमा (अमायरा दस्तूर) में वहाँ रहने आता है। उनके बीच के प्यार को देखकर बॉबी उनकी तरफ आकर्षित होती है। फिल्म में टर्निंग प्वाइंट रीमा की मौत है। बॉबी को रीमा के पति केशव पर शक है लेकिन पुलिस उसकी सुनती नहीं है।

फिल्म में इंटरवल और अपनी दिमागी बीमारी से जूझती किरदार पर फोकस किया गया है। सनकी किरदारों के नज़रिए से दुनिया को दिखाने की अच्छी कोशिश हुई है जो दिमागी बीमारी से लड़ रहे हैं। उनकी दुनिया कैसी होती है उनके नज़रिए को यह फ़िल्म आंशिक तौर पर ज़रूर सामने लेकर आती है। अभिनय की बात करने से पहले लेखिका कनिका ढिल्लन के ये किरदार आमतौर पर हिंदी सिनेमा में कम ही नज़र आते हैं। फिल्म की बाकी लोग एक्टिंग पर थोड़ा और ज़ोर देते और एडिटिंग पर थोड़ा और फोकस किया जाता तो फिल्म और अधिक आकर्षक होती।

क्यों देखें फिल्म?

कंगना रनौत ने बेमिसाल एक्टिंग और मेंटल प्रेशर को समझने के लिए बॉबी की परेशानी,डर, बेबसी को समझने के लिए जबरदस्त फिल्म है। पूरी फिल्म में कंगना की जबरदस्त एक्टिंग देखने को मिलती है अपनी अदाकारी से उन्होने यह साबित कर दिया है कि उनसे बेहतर ये किरदार और कोई नहीं कर सकता था। राजकुमार भी अपने रोल में बखूबी फिट हुए। बाकी अन्य कलाकारों ने भी अच्छी कोशिश की है जो सराहनीय है।

फ़िल्म का गीत संगीत अच्छा है। म्यूजिक के साथ लाइट्स का इस्तेमाल कहानी को और प्रभावी बनाने में बखूबी इस्तेमाल हुआ है। डायलॉग डिलीवरी भी ठीक-ठाक है। अंत में पकी-पकाई कहानी से ऊब चुके लोगों के लिए यह एक अच्छी फिल्म है जो हमें अंतर्मन में ऐसे लोगों के लिए सोच पैदा करती है।

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