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28/01/2020
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अपने सपनों को करें साकार, हाउसिंग लोन अब और आसान

नई दिल्ली || अब अपने सपनों का घर खरीदना कोई बड़ी बात नहीं है। घर बनाने के लिए पैसे जरूरत अब आड़े आए तो फटाफट लोन लेकर अपनी मुश्किलों को दूर कर सकते है। लोन लेकर घर खरीदना और बनाना अब पहले के मुकाबले और अधिक आसान हो गया है। पहले जहां हाउसिंग लोन के एवज में दो लाख रुपए के डिडक्शन की सुविधा थी, उसे अब कुल 3.5 लाख रुपए तक बढ़ा दिया गया है। आम बजट 2019 में इनकम टैक्स एक्ट में असेसमेंट वर्ष 2020-21 (चालू कारोबारी साल) के लिए एक नया सेक्शन जोड़ा गया है सेक्शन 80 ईईए। इसके तहत हाउसिंग लोन के ब्याज पर 1.5 लाख रुपए के अतिरिक्त टैक्स डिडक्शन की सुविधा दी गई है।

बता दें कि यह सेक्शन 24 के तहत पहले से हाउसिंग लोन पर मिल रहे दो लाख रुपए के डिडक्शन के अतिरिक्त है। इसका मतलब यह है कि यदि आप घर खरीदने या बनाने के लिए किसी वित्तीस संस्थान से लोन लेते हैं, तो आपको लोन पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर कुल 3.5 लाख रुपए तक डिडक्शन की सुविधा मिलेगी। टैक्स4वेल्थ के फाइनेंशियल कोच अमित के मुताबिक सरकार की एक मुहिम है हाउसिंग फॉर ऑल। इसके तहत ही सरकार ने सबको सस्ता मकान उपलब्ध कराने के लिए यह सुविधा दी है।



हाउसिंग लोन पर मिलने वाले डिडक्शन से करदाता को कितने की हो जाएगी बचत
  • 5 फीसदी टैक्स स्लैब में आने वाले करदाताओं को सेक्शन 80 ईईए के तहत कुल बचत 7,800 रुपए मिलेगा।
  • सेक्शन 24 के तहत करदाताओं को कुल बचत 17,200 रुपए का हो जाएगा।
  • 20 फीसदी टैक्स स्लैब में आने वाले करदाताओं को सेक्शन 80 ईईए के तहत कुल बचत 31,200 रुपए मिलेगा।
  • डिडक्शन के फायदे को भी जोड़ दिया जाए, तो करदाताओं को कुल बचत 72,800 रुपए का हो जाएगा।
  • 30 फीसदी टैक्स स्लैब में आने वाले करदाताओं को सेक्शन 80 ईईए के तहत कुल बचत 46,800 रुपए मिलेगा।
  • डिडक्शन के फायदे को भी जोड़ दिया जाए, तो करदाताओं को कुल बचत 1,09,200 रुपए का हो जाएगा।


इस डिडक्शन का लाभ उठाने के लिए छह शर्तों का करना होगा पालन
  • हाउसिंग लोन किसी वित्तीय संस्थान या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से ही लिया गया होना चाहिए।
  • पहली अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक लिए गए लोन पर ही मिलेगी यह सुविधा।
  • खुद रहने के लिए खरीदे जाने वाले मकान के लोन पर ही मिलेगा डिडक्शन। इस घर को आप किराए पर नहीं दे सकते हैं।
  • हाउसिंग प्रोपर्टी की स्टैंप वैल्यू 45 लाख रुपए या इससे कम होनी चाहिए।
  • लोन मंजूर होने के दिन करदाता के नाम कोई भी रिहाइशी (रेजीडेंशियल) मकान नहीं होना चाहिए।
  • यह डिडक्शन सिर्फ व्यक्तिगत करदाता को ही मिलता है।
  • कंपनी, ट्रस्ट या किसी अन्य इकाई को यह डिडक्शन नहीं मिल सकता है।

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