14.5 C
New Delhi
28/01/2020
Breaking News Political

महाराष्ट्र में नई सियासत का अलार्म, विरोधी दल हुए एक

New political alarm in Maharashtra, opposition parties unite

नागपुर/मुंबई || 24 अक्टूबर को महाराष्ट्र में आए नतीजों एवं बहुमत के बाद भी आज तक सरकार नहीं बनाई जा सकीं है। जिसकी वजह बहुमत प्राप्त करने वाली गठबंधित पार्टियों  भाजपा और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर दावेदारी रहीं। जहाँ भारतीय जनता पार्टी 5 साल अपने ही पार्टी के मुख्यमंत्री बनाने पर अड़िग रही वहीं शिवसेना 50-50 फॉर्मूला को लागू करवाने के लिए दबाव बनाती रही। नतीजतन 30 साल की गठबंधित पार्टियां अलग हो गई। जिसके बाद महाराष्ट्र में शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस के गठबंधन वाली पहली सरकार बनती दिख रही है। महाराष्ट्र में पहली बार ऐसा होगा जब अलग-अलग विचारधारा के ये दल सरकार बना रहे हैं जिसका नेतृत्व शिवसेना करेगी। बता दें कि तीनों दलों ने साझा न्यूनतम कार्यक्रम (सीएमपी) का मसौदा तैयार कर लिया है जिसके तहत शिवसेना और रांकपा ढ़ाई-ढाई साल के लिए राज्य को अपना मुख्यमंत्री देगें वहीं कांग्रेस का उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

17 नवंबर को सोनिया गांधी से मुलाकात कर लिया जाएगा अंतिम फैसला

बता दें कि  महाराष्ट्र में फिलहाल राष्ट्रपति शासन है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मंगलवार को केंद्र को एक रिपोर्ट भेजकर मौजूदा स्थिति को देखते हुए राज्य में स्थिर सरकार के गठन को असंभव बताया था, जिसके बाद से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है। रांकपा प्रमुख शरद पवार ने नागपुर में पत्रकारों से कहा कि मध्यावधि चुनाव की कोई आशंका नहीं है। यह सरकार बनेगी और पूरे पांच साल चलेगी। हम सभी यही आश्वस्त करना चाहेंगे कि यह सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। इसके साथ ही राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने मुंबई में कहा कि मुख्यमंत्री का पद शिवसेना के पास रहेगा। जानकारी के अनुसार ’ पवार 17 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं जहां सरकार गठन पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। भाजपा और शिवसेना ने गठबंधन में रहते हुए 21 अक्टूबर का विधानसभा चुनाव लड़ा था।

Related posts

राम के जन्म होने और श्रद्धालुओं के फूल-प्रसाद चढ़ाने का कोई भी दावा सिद्ध नहीं   

admin

धर्म नहीं उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को बनाया जाए नागरिकता संशोधित कानून का आधार- सी.के बोस

admin

इस्तीफे के बाद शिवसेना और भाजपा के रुख में आए तेवर, आरोप और प्रत्यारोप का दौर शुरू

admin

Leave a Comment

UA-148470943-1