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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चांदी की ईंट से करेंगे मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास

Prime Minister Narendra Modi will lay the foundation stone for the temple construction with silver brick. The market value of brick is about 15 lakh 59 thousand rupees.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे। जिसके लिए जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। भूमि पूजन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चांदी की ईंट से मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास करेंगे। इस ईंट का वजन करीब 22.6 किलोग्राम की है। और इस ईंट का बाजार मूल्य करीब 15 लाख 59 हजार रुपये है। मंदिर निर्माण के लिए देश के अलग-अलग मंदिरों व पवित्र नदियों का जल लाया जा रहा है। यह वो समय होगा जो कि इतिहास में दर्ज हो जाएगा। इसलिए इसे भव्य व यादगार बनाने की हर कोशिश की जा रही है।

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आपको बतात दें कि 84 हजार 600 वर्गफुट का विशाल श्रीरामजन्मभूमि मंदिर अब तक बने नागर शैली के मंदिरों में सबसे अलौकिक होगा। एक शिखर और पांच विशाल मंडपों के गुंबद से सुशोभित तीन तल का यह दिव्य मंदिर विश्वभर में अनूठा होगा। शिखर से लेकर अधिष्ठान तक 17 हिस्सों की डिजाइन के साथ हर एक हिस्से के आकार के पिंक स्टोन की माप और लागत तय हो गई है। गुजरात के अहमदाबाद से मुख्य शिल्पी चंद्रकात सोमपुरा समेत उनके दोनों पुत्र निखिल और आशीष ने कड़ी मेहनत से भगवान विष्णु को सर्वाधिक प्रिय नागर शैली में श्रीराजन्मभूमि मंदिर की नई डिजाइन का डायग्राम, 3-डी मॉडल से लेकर लागत, हर हिस्से का मैप तक का ब्योरा तैयार कर लिया है।

मंदिर में गर्भगृह पर सबसे ऊंचा 161 फुट का शिखर बनाया जाएगा

शिखर या विमान, कलश. गर्भगृह, गोपुरम, रथ, उरूशृंग, अर्धमंडप, मंडप, जगति, स्तंभ, परिक्रमा या प्रदक्षिणा, शुकनात, अंतराल, गवाक्ष, तोरण, अमलक और अधिष्ठान इस मंदिर के 17 हिस्से होंगे।  नागर शैली के शिल्पशात्र के अनुसार मंदिर के आठ प्रमुख अंग मूल आधार (जिस पर संपूर्ण भवन खड़ा होगा), मसूरक (नींव और दीवारों के बीच का भाग), जंघा (दीवारें, विशेषकर गर्भगृह की दीवारें), कपोत (कार्निस), शिखर (मंदिर का शीर्षभाग या गर्भगृह का ऊपरी भाग), ग्रीवा (शिखर का ऊपरी भाग), वर्तुलाकार आमलक (शिखर के शीर्ष पर कलश के नीचे का भाग) और कलश (शिखर का शीर्ष भाग) होता है।

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इंजीनियर निखिल सोमपुरा कहते हैं कि पूरब मुखी मंदिर की लंबाई 268 से 360 फुट और चौड़ाई 140 से बढ़ाकर 235 फुट कर दी गई है, जबकि ऊंचाई 128 से 161 फुट की गई है। मंदिर में गर्भगृह पर सबसे ऊंचा 161 फुट का शिखर बनाया जाएगा, इसके अलावा गूढ़ मंडप, रंगमंडप, नृत्यमंडप, प्रार्थना मंडप और कीर्तन मंडप पर कुल पांच गुंबद होंगे। समूचा मंदिर पिंक स्टोन से बनाया जाएगा, इसके विभिन्न हिस्सों में लगने वाले तराशे गये पत्थरों की डिजाइन से लेकर माप और लागत आदि का ब्योरा तैयार हो गया है लेकिन इसे सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देखेंगे, इसके बाद ही श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने विवरण और लागत का विवरण सार्वजनिक करने का आदेश दिया है।

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