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बैंक को 414 करोड़ का धोखा देकर फरार हुए आरोपी, SBI ने 4 साल बाद CBI में दर्ज कराई शिकायत

SBI accused of absconding by cheating bank of 414 crore, SBI lodges complaint with CBI after 4 years

बैकों में धोखाधड़ी का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां मामला एक बैंक से नहीं बल्कि 6 बैंकों एक साथ 414 करोड़ का धोखा देकर आरोपी फरार है। बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक ने दिल्ली स्थित बासमती चावल निर्यात फर्म के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के पास शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उसके प्रवर्तक, जिन्होंने छह बैंकों के कंसोर्टियम को  414 करोड़ रुपये का धोखा दिया वे देश से फरार हैं। हालांकि, एसबीआई द्वारा एक निरीक्षण के बाद राम देव इंटरनेशनल लिमिटेड के मालिक 2016 से लापता बताए जा रहे हैं। और साथ ही जब SBI को लगा कि उसका बकाया वापस नहीं आएगा, तब उसने CBI को शिकायत दी है।

आरोपी के खिलाफ किए LOCs जारी

SBI बैंको से हुई धोखाधड़ी के 4 साल बाद CBI ने 28 अप्रैल को मालिकों के नाम के साथ मामला दर्ज किया, लुक आउट सेर्कुलर जारी किया है। इसमें सुरेश कुमार, नरेश कुमार और संगीता के नाम हैं। वहीं, 2018 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के आदेश के अनुसार, यह बताया गया कि ये प्रवर्तक दुबई भाग गए हैं। कंपनी के लोन को 2016 में एक गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत किया गया था। बैंक ने चार साल की देरी के बाद इस साल फरवरी में एजेंसी को शिकायत दर्ज की।

क्या है पूरा मामला

एक विशेष ऑडिट में पता चला है कि उधारकर्ताओं ने खातों में गड़बड़ी कर, बैलेंस शीट को ठग लिया और बैंक धन की लागत पर गैरकानूनी तरीके से हासिल करने के लिए संयंत्र और मशीनरी को अनधिकृत रूप से हटाया है। एसबीआई से बैंकों का एक्सपोजर 414 करोड़ रुपये से 173 करोड़ रुपये, केनरा बैंक का 76 करोड़ रुपये, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 64 करोड़ रुपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का 51 करोड़ रुपये, कॉर्पोरेशन बैंक का 36 करोड़ रुपये और आईडीबीआई बैंक का 12 करोड़ रुपये है। CBI ने अब कंपनी, इसके डायरेक्टर नरेश कुमार, सुरेश कुमार, संगीता और अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी समेत कई आरोप हैं।

रामदेव इंटरनेशनल लिमिटेड के तीनों निदेशकों को कई बार भेजा नोटिस

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के पास मौजूद दस्तावेजों से पता चला है कि मुस्सदी लाल कृष्णा लाल नामक कंपनी की डिफॉल्टर होने के बाद रामदेव इंटरनेशनल लिमिटेड को ट्रिब्यूनल में लाया गया था। ट्रिब्यूनल ने रामदेव इंटरनेशनल लिमिटेड के तीनों निदेशकों को तीन बार नोटिस भेजा, लेकिन उनका पता नहीं चला। दिसंबर, 2018 में ट्रिब्यूनल को जानकारी दी गई कि आरोपी दुबई भाग गए हैं और उनका पता नहीं लगाया जा सकता।

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