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September 20, 2019
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लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी के भाषण और कार्यकाल 

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नई दिल्ली || 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया।लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को 6वीं बार संबोधित किया। सफेद कुर्ता और चूड़ीदार पायजामा तथा तीन रंगों वाला साफा पहने मोदी जब समारोह स्थल पर पहुंचे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने सलामी गारद का निरीक्षण किया। लाल किले पर पहुंचने से पहले  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सबसे पहले स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की बधाई दी। इसके साथ ही उन्होनें कई मुद्दों से देश को अवगत कराया। पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान किसानों, प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों, डॉक्टरों, मुस्लिम महिलाओं समेत कई मुख्य बिंदुओं का जिक्र किया।  पीएम मोदी के भाषण के कुछ प्रमुख बिंदु…

वर्षा और बाढ़

आज देश के अनेक भागों में अति वर्षा और बाढ़ के कारण लोग कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। राज्‍य सरकार, केंद्र सरकार, एनडीआरएफ सभी संगठन, नागरिकों का कष्‍ट कम कैसे हो, सामान्‍य परिस्थिति जल्‍दी कैसे लौटे,उसके लिए दिन-रात प्रयास कर रहे हैं।

अनुच्‍छेद 370

दस हफ्ते के भीतर-भीतर ही अनुच्‍छेद 370 का हटना, 35A का हटना सरदार वल्‍लभ भाई पटेल के सपनों को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है। जो काम पिछले 70 साल में नहीं हुआ, नई सरकार बनने के बाद, 70 दिन के भीतर-भीतर अनुच्‍छेद370 और 35A को हटाने का काम भारत के दोनों सदनों ने, राज्यसभा और लोकसभा ने, दो-तिहाई बहुमत से पारित कर दिया। आज लाल किले से मैं जब देश को संबोधित कर रहा हूं, मैं यह गर्व के साथ कहता हूं कि आज हर हिन्‍दुस्तानी कह सकता है- One Nation, One Constitution.

तीन तलाक

दस हफ्ते के भीतर-भीतर हमारे मुस्लिम माताओं और बहनों को उनका अधिकार दिलाने के लिए तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया। अगर इस देश में, हम सती प्रथा को खत्म कर सकते हैं, हम भ्रूण हत्या को खत्म करने के कानून बना सकते हैं, अगर हम बाल-विवाह के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं, हम दहेज में लेन-देन की प्रथा के खिलाफ कठोर कदम उठा सकते हैं, तो क्यों न हम तीन तलाक के खिलाफ भी आवाज उठाएं।

आतंक से जुड़े कानून

आतंक से जुड़े कानूनों में आमूल-चूल परिवर्तन करके उसको एक नई ताकत देने का, आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के संकल्‍प को और मजबूत करने का काम किया गया।

किसान सम्‍मान निधि

हमारे किसान भाइयों-बहनों को प्रधानमंत्री सम्‍मान निधि के तहत 90 हजार करोड़ रुपया किसानों के खाते में transfer करने का एक महत्‍वपूर्ण काम आगे बढ़ा है।

किसानों और छोटे व्‍यापारियों के लिए पेंशन 

हमारे किसान भाई-बहन, हमारे छोटे व्‍यापारी भाई-बहन, उनको कभी कल्‍पना नहीं थी कि कभी उनके जीवन में भी पेंशन की व्‍यवस्‍था हो सकती है, वैसी पेंशन योजना को भी लागू करने का काम कर दिया है।

जल शक्ति अभियान

जल संकट की चर्चा बहुत होती है, भविष्‍य जल संकट से गुजरेगा, यह भी चर्चा होती है, उन चीजों को पहले से ही सोच करके, केंद्र और राज्‍य मिलकर के योजनाएं बनाएं इसके लिए एक अलग जल-शक्ति मंत्रालय का भी निर्माण किया गया है।

जल-जीवन मिशन

हम आने वाले दिनों में जल-जीवन मिशन को आगे ले करके बढ़ेंगे। इसके लिए केंद्र और राज्‍य सरकारें साथ मिलकर काम करेंगे और आने वाले वर्षों में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा रकम इस मिशन के लिए खर्च करने का हमने संकल्‍प लिया है।

चिकित्‍सा कानून

हमारे देश में बहुत बड़ी तादाद में डॉक्‍टरों की जरूरत है, आरोग्‍य की सुविधाएं और व्‍यवस्‍थाओं की आवश्यकता है। Medical Education को पारदर्शी बनाने के लिए अनेक महत्‍वपूर्ण कानून हमने बनाए हैं, महत्‍वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

कानून प्रबंधन 
बच्‍चों की सुरक्षा के लिए कठोर कानून प्रबंधन आवश्‍यक था। हमने इस काम को भी पूर्ण कर लिया है।

आवश्‍यकताओं की पूर्ति का दौर  
अगर 2014 से 2019 आवश्‍यकताओं की पूर्ति का दौर था, तो 2019 के बाद का कालखंड देशवासियों की आकांक्षाओं की पूर्ति का कालखंड है, उनके सपनों को साकार करने का कालखंड है।

जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख

जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख के नागरिकों की आशा-आकांक्षा पूरी हो, यह हम सब का दायित्‍व है। वहां के मेरे दलित भाइयो-बहनो को, देश के अन्‍य दलितों के समान अधिकार प्राप्त नहीं थे, वो उनको भी मिलने चाहिए। वहां हमारे कई ऐसे समाज और व्‍यवस्‍था के लोग चाहे वह गुर्जर हों, बकरवाल हों, गद्दी हों, सिप्‍पी हों,बाल्‍टी हों – ऐसी अनेक जनजातियां, उनको राजनीतिक अधिकार भी मिलने चाहिए।भारत विभाजन हुआ, लाखों-करोड़ों लोग विस्‍थापित होकर आये उनका कोई गुनाह नहीं था लेकिन जो जम्‍मू-कश्‍मीर में आकर बसे, उनको मानवीय अधिकार भी नहीं मिले, नागरिक के अधिकार भी नहीं मिले।

जम्‍मू-कश्‍मीर के लोगों का योगदान 

जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख सुख-समृद्धि और शांति के लिए भारत के लिए प्रेरक बन सकता है। भारत की विकास यात्रा में बहुत बड़ा योगदान दे सकता है। अब, जम्‍मू-कश्‍मीर का सामान्‍य नागरिक भी दिल्‍ली सरकार को पूछ सकता है। उसको बीच में कोई रुकावटें नहीं आएंगी। यह सीधी-सीधी व्‍यवस्‍था आज हम कर पाए हैं।

एक राष्‍ट्र एक कर

GST के माध्‍यम से हमने One Nation, One Tax के सपने को साकार किया है। पिछले दिनों ऊर्जा के क्षेत्र में One Nation, One Grid को भी हमने सफलतापूर्वक पार किया। One Nation, One Mobility Card – इस व्‍यवस्‍था को भी हमने विकसित किया है। और आज चर्चा चल रही है, “एक देश, एक साथ चुनाव’’। यह चर्चा होनी चाहिए, लोकतांत्रिक तरीके से होनी चाहिए।

जनसंख्‍या विस्‍फोट

जनसंख्‍या विस्‍फोट हमारे लिए, हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए अनेक नए संकट पैदा करता है लेकिन हमारे देश में एक जागरूक वर्ग भी है, जो इस बात को भली-भांति समझता है। उनके सम्‍मान की आवश्‍यकता है। समाज के बाकी वर्गों को जोड़कर जनसंख्‍या विस्‍फोट की हमें चिंता करनी ही होगी।

भ्रष्‍टाचार, भाई-भतीजावाद

भ्रष्‍टाचार, भाई-भतीजावाद ने हमारे देश का कल्‍पना से परे नुकसान किया है और दीमक की तरह हमारे जीवन में घुस गया है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसको हमने निरंतरTechnology का उपयोग करते हुए निरस्‍त करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।

लोगों के जीवन में सरकार का दखल

आजाद भारत का मतलब मेरे लिए यह है कि धीरे-धीरे सरकारें लोगों की जिंदगी से बाहर आएं। ऐसा Eco-system हमको बनाना ही होगा। न सरकार का दबाव हो, न सरकार का अभाव हो,लेकिन हम सपनों को लेकर आगे बढ़ें। Ease of living आजाद भारत की आवश्यकता है।

Incremental progress बनाम High Jump

हमारा देश आगे बढ़े, लेकिन incremental progress, उसके लिये देश अब ज्यादा इंतजार नहीं कर सकता है, हमें ऊंची छलांग लगानी पड़ेगी।
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आधुनिक ढांचागत विकास
हमने तय किया है कि इस कालखंड में 100 लाख करोड़ रुपयाआधुनिकInfrastructure के लिए लगाए जाएंगे, जिससे रोजगार भी मिलेगा, जीवन में भी नई व्‍यवस्‍था विकसित होंगी।

5 साल में 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी

हमने 5 Trillion Dollar Economy का सपना संजोया है। आजादी के 70 साल बाद हम दो Trillion Dollar Economy पर पहुंचे थे, लेकिन पिछले पांच साल के भीतर हम लोग दो Trillion से तीन Trillion पहुंच गए। इस गति से हम आने वाले पांच साल में 5 Trillion Dollar Economy बन सकते है।

ग्रामीण विकास और किसानों की आय 
आजादी के 75 साल में देश के किसान की आय दो गुनी होनी चाहिए, हर गरीब के पास पक्‍का घर होना चाहिए, हर परिवार के पास बिजली होनी चाहिए, हर गांव मेंOptical Fiber Network और Broadband की Connectivity हो, साथ ही साथ Long Distance Education की सुविधा हो।

हमारी समुद्री संपत्ति

Blue Economy इस क्षेत्र पर हम बल दें। हमारे किसान अन्‍नदाता है, ऊर्जादाता बनें। हमारे किसान, ये भी Exporter क्‍यों न बनें। हमारे देश को Export बढ़ाना ही होगा। हमारा हर जिला Export Hub बनने की दिशा में क्‍यों न सोचें। हिन्‍दुस्‍तान का कोई जिला ऐसा नहीं होगा जहां से कुछ न कुछ export न होता हो। Value addition वाली चीजें दुनिया के अनेक देशों तक export हों।

पर्यटन

हमारा देश Tourist Destination के लिए दुनिया के लिए अजूबा हो सकता है। हम सभी देशवासी तय करें कि हमें देश के tourism पर बल देना है। जब tourism बढ़ता है, कम से कम पूंजी ‍निवेश में ज्‍यादा से ज्‍यादा रोजगार मिलता है। देश की economy को बल मिलता है। क्या आप तय कर सकते हैं कि 2022 में आजादी के 75 साल पूरे होने के पहले हम अपने परिवार के साथ भारत के कम से कम 15 tourist destinations पर जाएंगे।

स्थिर सरकार – भरोसेमंद नीति 

जब Government stable होती है, policy predictable होती है, व्‍यवस्‍थाएंstable होती है तो दुनिया का भी एक भरोसा बनता है। विश्‍व भी भारत की political stability को बड़े गर्व और आदर के साथ देख रहा है।

महंगाई और विकास में संतुलन 

आज हमारे लिए गर्व का विषय है कि महंगाई को control करते हुए हम विकास दर को बढ़ाने वाले एक महत्‍वपूर्ण समीकरण को ले करके चले हैं।

अर्थव्‍यवस्‍था

हमारी अर्थव्‍यवस्‍था के fundamentals बहुत मजबूत हैं। जीएसटी और IBC जैसे सुधार लाना अपने आप में एक नया विश्‍वास पैदा करते हैं। हमारे निवेशक ज्‍यादा कमाएं, ज्‍यादा निवेश करेंऔर ज्‍यादा रोजगार पैदा करें। हम wealth creator को आशंका की नजरों से न देखें। उनका गौरव बढ़ना चाहिए और wealth create नहीं होगी तो wealth distribute भी नहीं होगी। अगर wealth distribute नहीं होगी तो देश के गरीब आदमी की भलाई नहीं होगी।

आतंकवाद 

भारत आतंक फैलाने वालों के खिलाफ मजबूती के साथ लड़ रहा है। आतंकवाद को पनाह, प्रोत्‍साहन औरexport, करने वाली ताकतों को उजागर करने में दुनिया के देशों के साथ मिलकर भारत अपनी भूमिका अदा करें, हम यही चाहते हैं। आतंकवाद को नेस्‍तनाबूद करने में हमारे सैनिकों, सुरक्षा बलों और सुरक्षा एजेंसियों ने बहुत प्रशंसनीय काम किया है। मैं उनको नमन करता हूं।

भारत के पड़ोसी देश 

बांग्लादेश, अफगानिस्‍तान, श्रीलंका आतंकवाद से जूझ रहे हैं। हमारा पड़ोसीऔर एक अच्‍छा मित्र अफगानिस्‍तान चार दिन बाद 100वीं आजादी का उत्‍सव मनाने जा रहा है। मैं अफगानिस्‍तान के मित्रों को अनेक-अनेक शुभकानाएं देता हूं।

सैन्‍य सुधार

हमारे देश में सैन्‍य व्‍यवस्‍था, सैन्‍य शक्ति, सैन्‍य संसाधन – उसके Reform पर लंबे अरसे से चर्चा चल रही है। अनेक सरकारों ने इसकी चर्चा की है। अनेक commission बैठे हैं, अनेक रिपोर्ट आई हैं और सारे रिपोर्ट करीब-करीब एक ही स्‍वर को उजागर करते रहे हैं। हमारी पूरी सैन्‍यशक्ति को एकमुश्‍त होकर एक साथ आगे बढ़ने की दिशा में काम करना होगा। जल, थल, नभ में तीनों सेनाएं एक साथ एक ही ऊंचाई पर आगे बढ़ें। आज हमने निर्णय किया है कि अब हम Chief of Defense Staff – CDS की व्‍यवस्‍था करेंगे और इस पद के गठन के बाद तीनों सेनाओं को शीर्ष स्‍तर पर प्रभावी नेतृत्‍व मिलेगा। हिन्‍दुस्‍तान की सामरिक दुनिया की गति में ये CDS एक बहुत अहम और reform तथा बल देने वाला काम है।

स्‍वच्‍छता अभियान 

मैंने इसी लाल किले से 2014 में स्‍वच्‍छता की बात कही थी। कुछ ही सप्‍ताह बाद बापू की 150वीं जयंती, 02 अक्‍तूबर को भारत अपने-आपको खुले में शौच मुक्‍त राष्‍ट्र घोषित कर पाएगा। राज्‍यों, गांवों, नगर पालिकाओं और मीडिया ने स्‍वच्‍छता अभियान को जन-आंदोलन बना दिया।

प्‍लास्टिक मुक्‍त भारत

 मैं एक छोटी-सी अपेक्षा आज आपके सामने रखना चाहता हूं। क्‍या हम इस 02 अक्‍तूबर को भारत को single use plastic से मुक्ति दिला सकते हैं। इसके लिए हर नागरिक, नगरपालिकाएं, महानगर-पालिकाएंऔर ग्राम पंचायतें सब मिलकर प्रयास करें।

मेक इन इंडिया

Made in India Product, हमारी प्राथमिकता क्यों न होनी चाहिए? हमें lucky कल के लिये local product पर बल देना है। देश की Economy में भी इसके कारण हम मदद कर सकते हैं।

डिजिटल पेमेंट

हमारा digital platform बड़ी मजबूती के साथ उभर रहा है, लेकिन हमारे गांव में, छोटी-छोटी दुकानों में भी, हमारे शहर के छोटे-छोटे मॉल में भी हम क्यूं न Digital payment पर बल दें?

रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 

हम chemical fertilizer, pesticides का उपयोग करके धरती के स्‍वास्‍थ्‍य को खराब कर रहे हैं। आजादी के 75 साल होने जा रहे हैं। क्‍या हम 10 percent, 20 percent, 25 percent अपने खेत में chemical fertilizer को कम करेंगे, हो सके तो मुक्तिकर अभियान चलाएंगे। मेरे किसान मेरी इस मांग को पूरा करेंगे यह मुझे पूरा विश्‍वास है।

प्रगति के नए आयाम 

हमारे देश के professionals की आज पूरी दुनिया में गूंज है। हमारा चंद्रयान तेजी से चांद के उस छोर की ओर आगे बढ़ रहा है, जहां अब तक कोई नहीं गया है। आज दुनिया के खेल के मैदानों में मेरे देश के 18 से 22 साल के बेटे-बेटियां हिन्‍दुस्‍तान का तिरंगा झंडा फहरा रही हैं।

नए लक्ष्‍य

आने वाले दिनों में गांवों में डेढ़ लाख wellness center बनाने होंगे, हर तीन लोकसभा के बीच एक medical college, दो करोड़ से अधिक गरीब लोगों के लिए घर, 15 करोड़ ग्रामीण घरों में पीने का पानी पहुंचाना है। सवा लाख किलोमीटर गांव की सड़के बनानी हैं और हर गांव को Broadband connectivity, optical fiber network से जोड़ना है। 50 हजार से ज्‍यादा नये start up का जाल बिछाना है।

समता मूलक समाज

भारत के संविधान के 70 साल हो गए हैं। बाबा साहेब अम्‍बेडकर के सपने और यह वर्ष महत्‍वपूर्ण है, गुरू नानक देव जी का 550वां पर्व भी है। आइये, बाबा साहेब अम्‍बेडकर, गुरू नानक देव जी की शिक्षा को ले करके हम आगे बढ़ें और एक उत्‍तम समाज का निर्माण, उत्‍तम देश का निर्माण, विश्‍व की आशाओं-अपेक्षाओं के अनुरूप भारत का निर्माण करें ।

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