Be Real Editorial

राष्ट्रभक्ति से शुरू हुई भावना राजभक्ति पर खत्म

The sentiment started with patriotism ends on royalism

सोचती हूँ आज क्या लिखूं..

चंद अल्फाज़ में तुझे बयां क्या करूं…

तेरी बुलंदी का सपना हर बार तुझे तोड़कर दिखाया जाता है..

कभी हिंदुस्तान कभी पाकिस्तान तो कभी बांग्लादेश बनाया जाता है..

क्यों हर बार धर्म पर राजनीति हावी हो जाती है ..

आंखों पर पट्टी बांधे लोग हर बार इतिहास दोहराते है ..

कभी खूं से जमीं सराबोर हो जाती है तो कभी चमन में विरानियां रह जाती है..

हर बार गुलिस्तां को बसाने के कई वायदे किए जाते है..

हिंदू, मुस्लिम, जात, पात सब याद कराया जाता है..

और फिर तिरंगे को हाथ में लेकर कर राष्ट्रीयता का पाठ पढ़ाया जाता है…

कभी कश्मीर, तो कभी गुजरात बनाया जाता है..

वो समझते है ऐसे ही देश चलाया जाता है।

 

गुलफशा अंसारी

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